आपके परिहार — बल दें या शांति, कुंडली से

बृ.पा.हो. 85.27 का वह नियम जिसे बाज़ार भूल जाता है — शुभ ग्रह को रत्न व रुद्राक्ष से बल, पीड़ित ग्रह को जप, हवन व दान से शांति। किसे क्या, यह आपकी कुंडली तय करती है।

VedicSpace — vedicspace.com पर जीवंत वैदिक वेधशाला। पंचांग, कुंडली, दशा और मुहूर्त — स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) की परिशुद्धता से गणित और शास्त्रों से प्रमाण-सहित। जहाँ शास्त्र मौन हैं, वहाँ हम भी मौन रहते हैं।