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सर्प-शाप और संतान: श्लोक वास्तव में क्या कहता है
फलदीपिका 12.22 एक साथ दो बातें माँगती है — पंचम में राहु और उसके साथ पंचमेश। 10,000 कुंडलियों पर मापा गया: लगभग 0.7% पात्र हैं। ढीले पाठ से लगभग 39%।
दोष, जाँचा हुआक्या काल सर्प दोष शास्त्रों में है? हमने हर ग्रंथ खोजा
काल-सर्प हमारे पुस्तकालय की 27 कृतियों में से किसी में नहीं मिलता। पर BPHS में सर्प योग है — तीन केन्द्रों में पाप ग्रह — जो कुछ और ही है।
गोचर, जाँचा हुआसाढ़े साती: नियम का वह आधा भाग जिसे कोई नहीं बताता
शनि का गोचर नियम वास्तव में शास्त्रीय है — फलदीपिका शुभ भाव 3, 6, 11 देती है। अगली ही पंक्ति वेध देती है, वह अवरोध जो उसे रद्द कर देता है।
उपाय, जाँचा हुआरत्न: सलाह का कौन-सा हिस्सा वाकई शास्त्रीय है
कौन-सा रत्न किस ग्रह का है — यह जातक पारिजात और फलदीपिका दोनों में है। किसे पहनना चाहिए — 27 कृतियों में कोई नियम नहीं मिला।
संग्रहबृहत् पाराशर होरा शास्त्र में कितने श्लोक हैं? गिना हुआ उत्तर
हमारे संस्करण में 98 अध्याय और 3,971 श्लोक, 3,741 प्रविष्टियों में। दोनों संख्याएँ क्यों अलग हैं, और अध्याय 81 में क्रमांक 50 क्यों नहीं है।
गणना, जाँची हुईदो ऐप आपकी चंद्र राशि अलग-अलग क्यों बताते हैं
अयनांश 2.33° तक भिन्न है। दस हज़ार जन्मों पर मापा: राशि 4.6%, नक्षत्र 10%, पाद 42.6% — और दशा का शेष माध्य 20.8 मास।
गणना, जाँची हुईदो पंचांग आज की तिथि पर असहमत क्यों होते हैं
2026 में 365 में से 21 दिन दो भारतीय नगर सचमुच अलग तिथि में होते हैं। कारण अयनांश नहीं — कारण यह है कि सूर्योदय स्थानीय है।
गणना, जाँची हुईआपका अभिजित मुहूर्त पंचांग वाला क्यों नहीं है
अभिजित का अर्थ मध्याह्न है, और मध्याह्न स्थानीय होता है। छह भारतीय नगरों पर मापा: 63 मिनट का अन्तर — कोलकाता की अवधि मुम्बई के शुरू होने से पहले बंद हो जाती है।
पढ़त, जाँची हुईगुलिक केवल पापी नहीं — शास्त्र उसे चार शुभ भाव देता है
बृहत् पाराशर गुलिक को तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें — उपचय भावों — में शुभ फल देता है। दस हज़ार जन्मों पर मापा: लगभग एक तिहाई लोगों का गुलिक वहीं पड़ता है।
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